Monthly Archives: September 2021

एक संस्मरण- गांव में फूल चुनने की रस्म:-

कुछ दिन पूर्व अपने रिश्तेदार के “फूल चुनने” की रस्म पर एक गाँव मे जाना पड़ा।समयानुसार सब कार्यक्रम हुआ और पास की एक नदी में स्नान करके सब लौट गए , मैं भी गृह नगर आ गया ग्रामीण जीवन की … Continue reading

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टिमटिमाता दीया

कभी मुखर हुएकभी होंठों को सिया हैजिंदगी क्या हैटिमटिमाता दीया है कभी थोड़े मेंकभी चौड़े मेंखुद की समायोजित किया हैजिंदगी भी क्या हैइक़ टिमटिमाता दीया है खशियों संग रास रचाई हैकभी गम का हलाहल पिया हैजिंदगी.. इक़ टिमटिमाता दीया है … Continue reading

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मन-

मनता नहीं थमता नहीमन चंचल है समझता नहींसब से जीते और मन से हारेबहुत चाहा मन सधता नहीं मन की गति प्रकाश से ज्यादामन राजा और जीवन प्यादा मन के मारे हार है पाईमन नहीं समझत है भाई मन को … Continue reading

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