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बेटी

जब घर के आंगन में खुदाई नेमत बोती है भाग खुलते है परिजनों के उस घर मे बेटी होती है ममता माया और करुणा पलकों के कोर भिगोती है प्रतिरूप जन्मता है उनका उस घर में बेटी होती है यूँ … Continue reading

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