Monthly Archives: April 2019

मेरी कविता- नृत्य

हर्ष, क्रोध, और जय को दर्शाना हो नृत्य से बेहतर क्या, जब किसी को कमतर दिखलाना हो भोले ने तांडव कर हाहाकार मचाया मां काली ने महिषासुर वध कर तांडव नृत्य दिखलाया मोहिनी नृत्य द्वारा विष्णु ने भस्मासुर से मुक्त … Continue reading

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किताबें..

आज (23 अप्रैल 2019) विश्व पुस्तक दिवस है इस अवसर पर मेरी एक कविता…. किताबें खो गई हैं बातें रह गईं हैं मोबाइल की चाहत में कहीं रखकर भूल गया हूँ शायद कहां रक्खी थी किताब बिस्तर के सिरहाने नहीं … Continue reading

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