Monthly Archives: November 2018

यादें-

बड़ी तमन्ना थी बड़े होंगे जिंदगी मुट्ठी में होगी अब पछताते हैं अरे..बचपन निकल गया एक दिन स्कूल के बाहर तक चला गया सपनों की तलाश करने एक गोली-चूरन वाले काका हुआ करते थे अब वहां बड़ा सा स्टोर है … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment