इजराइल और भारत

मैं इजराइल का व्यक्तिगत रूप से आरंभ से ही समर्थक रहा हूँ।
मेरा मानना है कि विशेषताओं को सम्मान और समर्थन दोनों ही दिए जाने चाहिए।
इस लिहाज से इजराइल नज़रे इनायत का हकदार है।
इजराइल के नागरिकों में राष्ट्रीयता कूट कूट कर भरी होती है और उसे इस मामले में जापान के समकक्ष रखा जा सकता है।
इजराइल का हर नागरिक परोक्ष रूप से सैनिक है।
क्षेत्रफल से तुलना करें तो इजराइल राजस्थान से भी छोटा है और पानी की भारी कमी वाला देश है।
फिर भी कृषि के क्षेत्र में इजराइल अपनी आवश्यकताओं का 85% अन्न स्वयं उत्पादित करता है।
वहां कृषि को पानी ,फैला कर नहीं अपितु उसी तरह दिया जाता है जैसे किसी व्यक्ति को ड्रिप चढ़ाई जाती हो।
पानी की एक बूंद खराब नहीं कि जाती। इसके अतिरिक्त इजराइल अपने waste water का 70 प्रतिशत पुनः कृषि योग्य बना लेता है।
हथियार तकनीक में इजराइल का कोई सानी नहीं।
भारत अपनी कुल आयातित अस्त्र शस्त्र का 7% प्रतिशत इजराइल से ही खरीदता है।
कोरिया जो कि ISIS जैसे आतंकवाद से जूझ रहा है, इजराइल से सटा हुआ है किंतु मजाल कि ISIS इजराइल की तरफ आंख उठाकर भी देख ले।
कल्पना करें यदि सीरिया भारत से सटा देश होता।

70 साल बाद मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो इजराइल जा रहे हैं।
आखिर इतने उन्नत और सामरिक दृष्टि से मजबूत राष्ट्र की भारत की पूर्व सरकारों ने उपेक्षा क्यूँ की!!
शायद इजराइल के शत्रु राष्ट्र फिलिस्तीन से पंगा नहीं चाहा हो पूर्व प्रधानमंत्रियों ने!!
कहीं ये मुस्लिम जगत का तुष्टिकरण तो नहीं!!
मोदी जी इजराइल जाएंगे किन्तु फिलिस्तीन नहीं।
नीतियां स्पष्ट हों तो राष्ट्र आगे बढ़कर हाथ मिलाते हैं।
जब चीन आंख दिखा रहा है तो भारत के साथ अमेरिका, इजराइल ,जापान खड़े हैं। कल ही फ्रांस ने भी कहा है कि वह इस मामले।में भारत के साथ खड़ा है।
ड्रेगन को आंख दिखाने के बदले विश्व को अपने समर्थन में खड़ा करने की नीयत से मोदीजी ने विश्व भ्रमण किया है!!
अमेरिका सहित अन्य देशों की हाल ही की यात्राओं में मोदी जी ने जितनी भी रातों की नींद थी, वो यात्रा के दौरान अर्थात हवाईजहाज में ही पूरी की है, लेकिन इस बात को मीडिया जगत में जगह नहीं मिलेगी।
इजराइल भारत का बर्षों पुराना हितैषी रहा है।
इजराइल के पासपोर्ट पर एक सूचना स्पष्ट लिखी होती है।
*पाकिस्तान को छोड़ समस्त विश्व के लिए मान्य*
बता दूं ,पाकिस्तान जब से अस्तित्व में आया है तब से इजराइल , पाक विरोधी रहा है।
अगर चीन भारत से युद्ध करता भी है तो इजराइल भारत का सक्रिय रूप से सहयोग करेगा इसमे अतिशयोक्ति नहीं।
और अंत मे इतना और बताता चलूं , इजराइल भारत के साथ रिश्ते रखकर विश्व में अपनी जगह उच्च राष्ट्रों के बीच रखना चाहता है, क्यूंकि इजराइल जानता है आज भारत की स्थिति विश्व मे विश्वसनीय है।
फिर वो चाहे शांति स्थापना हो या फिर अंतरिक्ष तकनीक !!

#जय भारत
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About alokdilse

भारतीय रेलवे में यात्री गाड़ियों के गार्ड के रूप में कार्यरत.. हर वर्ष नए वृक्ष लगाने का शौक.. जब मन् भावुक हो जाता है , लिखना आरम्भ कर देता हूँ। ईश्वरवादी, राष्ट्रवादी और परम्परावादी हूँ। जियो और जीने दो में यकीन है मेरा।
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