शंटिंग के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां

जैसे जिस्म की धमनियों में 24 घंटे रक्त प्रवाहित रहता है उसी तरह दिन रात हर घड़ी हजारों हजार गाड़ियां दौड़ती रहती हैं।
इन गाड़ियों के आरंभिक स्थल से लेकर मार्ग में वाणिज्यिक और यांत्रिक कारणों और गंतव्य स्थल पर भी शंटिंग कार्य की आवश्यकता होती है।
शंटिंग आपरेशन एक ऐसी सामूहिक प्रक्रिया है जिसमे दो या दो से अधिक कर्मचारियों के आपसी तालमेल की जरूरत पड़ती है। इस प्रकार यह एक जरूरी उद्यम हो जाता है हमे कुछ सावधानियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
1) शंटिंग की गति के लिए जो नियम बनाया गया है उसके अनुरूप किसी भी दशा में गति 15 kmph से अधिक नहीं होनी चाहिए।
2)जिस स्टेशन पर शंटिंग की जानी है उसके SWR से हम भली भांति अवगत हैं यह भी सुनिश्चित हो।
3)जो भी शंटिंग कार्य है उसको भली भांति समझकर हमने आवश्यक प्राधिकार प्राप्त कर लिए हैं।
4) एक कोच/ वैगन के मामले में जिस रोलिंग स्टॉक को काटा जाना है वह सही है जैसे कि कोई पार्टी कोच गाड़ी से अलग करना है तो हमने कोई दूसरा कोच न काट दिया हो।
5) शंटिंग में प्रयुक्त हाथ संकेतों में दिन में लाल- हरी झंडियां और रात्रि में लाल- हरी led युक्त बत्ती का प्रयोग हो । लाल आस्पेक्ट खराब हो जाने पर सफेद बत्ती का नियमानुसार उपयोग हो अन्यथा सफेद बत्ती शंटिंग कार्यों में वर्जित है।
6) जिन रोलिंग स्टॉक मे मानव हों अर्थात आर्मी गाड़ी के डिब्बे, श्रमिकों से भरे डिब्बे, या यात्री गाड़ी के डिब्बे 8 kmph से अधिक गति में शंटिंग न किये जाएं।
7)शंटिंग के लिहाज से अलग अलग रोलिंग स्टॉक की अलग अलग गति सीमा है उनका पालन हो।
8) यात्री गाड़ी की शंटिंग है तो ध्यान रहे इंजन कटने के बाद शेष बचे भाग के आखिरी कोच का कॉक खोल दिया गया है ताकि उसका प्रेशर ड्राप हो जाये और गाड़ी लुढकने का डर न रहे। और इंजन काटने से पहले ब्रेकवान का हैंड ब्रेक वान्ध दिया गया है यह सुनिश्चित किया जाए।
9) शंटिंग के लिए जो अधिकृत व्यक्ति है वो ही शंटिंग करे, ऐसा न हो गार्ड साब ड्राइवर साब को चाय पीने ले जाये, और शंटिंग सहायक ड्राइवर करे। ध्यान रखें गार्ड बंधुओं आपकी चाय की मिठास कहीं कडुवाहट में न बदल जयें।
10) शंटिंग सही स्थान से करवाई जाए। लीवरमेन फ्रेम से ही संकेत दे रहा है कहीं ऐसा न हो पास वाली लाइन का चालक जिसे घर पहुँचने की जल्दी है, वो रवाना हो जाये।
11) शंटिंग के दौरान मार्शलिंग का भी पूरा घ्यान रखा जाए अन्यथा संचालन के दौरान हुई गड़बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
12)दोस्तों, शॉर्टकट न अपनाएं। बहुत पहले जब मैं मालगाड़ी गार्ड था, एक बार यार्ड में दुर्घटना होते होते बची।
गाड़ी को जल्दी चलाने का दबाव था वैक्यूम गाड़ी के हौज़ पाइप को रखने के लिए वैगन में डमी प्लग नही था । समय बहुत लग रहा था, इतने में यार्ड मास्टर आये और उन्होंने हौज़ पाइप को अपनी हथेली से बंद कर निर्धारित वैक्यूम बना दिया । अब ट्रेक में वो आगे और पीछे शंटिंग का वैगन और इंजन! इतने में जोर का झटका आया और मैंने बिना कोई पल गंवाए उन्हें तुरंत बाहर खींच लिया। आप समझ सकते हैं कैसा हादसा हो सकता था।
साथियों, मेरे एक मित्र अक्सर कहते थे ” खड़ी का जवाब है पड़ी का नहीं ”

समय कितना लगे ये बाद कि बात है लेकिन संरक्षा की अनुपालना हमारा परम ध्येय हैं हम इससे चूकें नही।
धन्यवाद साथियों!!

About alokdilse

भारतीय रेलवे में यात्री गाड़ियों के गार्ड के रूप में कार्यरत.. हर वर्ष नए वृक्ष लगाने का शौक.. जब मन् भावुक हो जाता है , लिखना आरम्भ कर देता हूँ। ईश्वरवादी, राष्ट्रवादी और परम्परावादी हूँ। जियो और जीने दो में यकीन है मेरा।
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