गुलाब जिंदगी ?

हर पल खुशियां
नृत्य, रास
हंसी के छल्ले
खिलते चेहरे..
जिंदगी यहीं तक नहीं !

गुलाब जिंदगी
काँटों का अहसास
तीखी तो कभी
मीठी वेदना
अव्यक्त भय
पलटते मोहरे
और
बदलते चेहरे
यही है..जिंदगी !!
🌿

#अलफ़ाज़_मेरे

About alokdilse

भारतीय रेलवे में यात्री गाड़ियों के गार्ड के रूप में कार्यरत.. हर वर्ष नए वृक्ष लगाने का शौक.. जब मन् भावुक हो जाता है , लिखना आरम्भ कर देता हूँ। ईश्वरवादी, राष्ट्रवादी और परम्परावादी हूँ। जियो और जीने दो में यकीन है मेरा।
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