Monthly Archives: February 2016

🔲 द्वंद 🔲

——–🍁——– यादों के झरोखों से दूर होता दिखलाई पड़ रहा है कुलांचे भरता, बेफिक्र मेरा अल्हड बचपन… हर साल खिंच रही है एक नई लकीर जिस्म पर उलीच कर यौवन को मेरे, जीने के ख़्वाब दिखलाकर कोई ये बताये ये … Continue reading

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ओछी चादर..ज़िन्दगी

ज़िन्दगी !! कैसी चादर है ये! जैसे राशन की दूकान या लंगर में मिला कोई कपडा हो, ..तंग पड़ता है । इस ओर से कभी उस छोर से खींचम खांच.. लगता है मन औ जिस्म जैसे बेमियादी कोई जंग लड़ता … Continue reading

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ओछी चादर..ज़िन्दगी

ज़िन्दगी !! कैसी चादर है ये! जैसे राशन की दूकान या लंगर में मिला कोई कपडा हो, ..तंग पड़ता है । इस ओर से कभी उस छोर से खींचम खांच.. लगता है मन औ जिस्म जैसे बेमियादी कोई जंग लड़ता … Continue reading

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प्रभात फेरी

“हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे, हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे”…… भोर के करीब 5 बजे का वक्त…रात भर की नौकरी के पश्चात जब एक स्टेशन पर गाडी खड़ी हुई तो मैं अपने डिब्बे में … Continue reading

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देश और राजनितिक हालात-एक जायजा

आखिर ऐसा भी क्या है जो देश में जब से बीजेपी की सरकार बनी तब से राजनितिक तूफ़ान सा उठ खड़ा हुआ है। एक खबर का मूल्यांकन नहीं होता कि दूसरी नई खबर आ जाती है? ख़बरों का सफरनामा तो … Continue reading

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त्रिनेत्र गणेश जी और रणथम्भौर का दुर्ग !

  कल मुझे एक धार्मिक यात्रा का सौभाग्य मिला। यात्रा, गजानन जी के दर्शनार्थ धार्मिक उद्देश्य से की गई थी किन्तु जब रंथम्जभौर दुर्ग के साथ उसके जुड़ाव और अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में संज्ञान हुआ तो मन संतुस्ट भी … Continue reading

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ज़िन्दगी की पाठशाला का मुख्य शिक्षक~समय

उपरोक्त शीर्षक पढ़कर निश्चित ही आपका ध्यान समय की ओर गया होगा। समय पर ध्यान देना ही पड़ता है । नहीं दिया तो समय-देव, आपको बख्शेंगे नहीं!! बड़ा अद्भुत संयोग है.. ज़िन्दगी और वक्त! ज़िन्दगी बार बार नहीं आती उसी … Continue reading

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हमारे जन-प्रतिनिधि !

जन प्रतिनिधि जनता के सेवक हैं या यूँ कहिये नौकर हैं। जनता की सेवा करना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन देखने में यही आता है कि हमारे जन प्रतिनिधि सेवक नहीं वरन मालिक जैसा व्यवहार करते हैं। जन प्रतिनिधियों पर लगाम कसने … Continue reading

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