Monthly Archives: January 2016

देहात की यात्रा-एक संस्मरण !

हाल ही मुझे एक शोक संतप्त परिवार से जुड़ने के लिए दूर ग्रामीण क्षेत्र में जाना पड़ा । पहले परिवहन निगम की बस से एक कस्बे तक का सफ़र , वहां से आगे दूरस्थ गाँव की यात्रा प्राइवेट बस के … Continue reading

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तिरंगे का राष्ट्र के नाम सन्देश

Source: तिरंगे का राष्ट्र के नाम सन्देश

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तिरंगे का राष्ट्र के नाम सन्देश

फ़िज़ा में आज मेरे चर्चे हैं अखबारों और सोशल साइट्स पर.. कई अंदाज़ लिये खूब लहराया हूँ मैं मालूम है, आज 26 जनवरी है और सबकी आँखों में समाया हूँ मैं आज फिर पंखुड़ियों में लिपटा लाल किले की प्राचीर … Continue reading

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रुआब का नशा

ड्यूटी से घर लौट रहा था की एक वाकया सड़क के एक मोड़ पर देखने को मिला। एक ऐसी जगह जहां मैं शायद अपनी मोटरसाइकिल भी पार्क न करता वहां एक कार पार्क थी। उस गाडी की वजह से रास्ता … Continue reading

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झांसेबाजी

जब माँ मौज़ूद थीं तो अपने हर दुःख को उसके साथ बाँट लिया करता था..हर वो बात जो मुझे सोचने को मजबूर करती मैं उसे बताता। माँ से बड़ा न कोई हमदर्द ना कोई मित्र!! माँ के बाद अब यह … Continue reading

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नशा शराब में होता तो….

“नशा शराब में होता तो…..नाचती बोतल…” हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन अभिनीत एक हिंदी चलचित्र के एक गीत के ये बोल मुझे अक्सर याद आ जाते हैं। वो नशा या कहें  वो जूनून ही तो है जो दिन को … Continue reading

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भूख और प्यार

प्यार और भूख…जी हाँ , आप इन्हें जोड़ कर मत देखिएगा। यहां भूख से मेरा तात्पर्य उदर-क्षुधा है। दोनों ही तृष्णा , ….और आवश्यकता भी। दोनों के बगैर क्या जीवन संभव है? उदर-क्षुधा , तन की ऐसी मांग है जैसे … Continue reading

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‘दस में से एक गया बचे नौ’

अतीत हमारा पीछा नहीं छोड़ता । क्या आप मेरी इस बात से सहमत हैं? शायद ना भी हों , लेकिन मेरा जड़वत् विशवास है , अतीत से जुडी यादें हमारा सतत् अनुसरण करती हैं। आज आंग्ल संस्कृति का नया वर्ष … Continue reading

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