Monthly Archives: February 2014

गार्डसाब के रूप में मेरे जीवन की शुरुवात

मैं आलोक जोशी , रेलवे में गार्ड के रूप में कार्यरत हूँ। मेरी माँ के नानाजी या यूं कहें कि मेरी नानीसा के पिताजी , अंग्रेजों के ज़माने में रेलवे में जोधपुर में गाडी प्रकाश (train lighting ) विभाग में … Continue reading

Posted in Uncategorized | 1 Comment

alok joshi

Posted in Uncategorized | 1 Comment

नमस्कार दोस्तों…

नमस्कार दोस्तों … ” जीवन एक बांसुरी कि तरह होता है। इसमें कई छिद्र होते हैं … और शून्यता भी …. किन्तु यदि इस इसके साथ यत्न पूर्वक अभ्यास किया जाय तो ये जादुई संगीत पैदा कर देती है। ” … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment